पुण्यार्थम् संस्था, जयपुर महानगर होली स्नेह मिलन कार्यक्रम 2024
स्थान:- सेवा धाम आदर्श विद्या मंदिर,जवाहर नगर(जयपुर)
दिनाक:- शनिवार 30 मार्च 2024
समय:- साय 3.00 से 6.30
उपस्थित संख्या:-352
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर दीप मंत्र से किया गया।
दीप मंत्र कृष्णा कंवर के केंद्र के भैया-बहनों द्वारा किया गया।
“पुण्यार्थम्” संस्था, जयपुर महानगर होली स्नेह मिलन कार्यक्रम मनाया।
श्रीमान संजय जी भाई साहब ने पुण्यार्थम् संस्था का संक्षिप्त परिचय बताया। हम राजस्थान में 7 स्थानो पर काम कर रहे हैं। जयपुर में हम 130 केंद्रों पर 4,550 भैया-बहन और पूरे राजस्थान में हमारे 7 स्थानों को मिलाकर 287 संस्कार केंद्रों पर 10,356 भैया बहनों को प्रतिदिन ढाई घंटे शिक्षा और संस्कार देने का कार्य कर रहे हैं। इसी के साथ हमने 2023-24 में 46 भैया बहनों को आई.आई.टी.और एन.आई.टी. की निशुल्क पढ़ाई कराई।आगे भी हम इस आई.आई.टी. और एन.आई. टी. पाठ्यक्रम के कार्यक्रम को चलते रहेंगे। हमारे दो स्थानों पर जयपुर और जोधपुर में सिलाई केंद्र भी संचालित है। पुण्यार्थम् संस्था का संक्षिप्त विवरण भाई साहब द्वारा दिया गया। सामाजिक सहयोग हमें प्राप्त होता रहेगा तो हम और अच्छा कार्य और अच्छे परिणाम की कोशिश करेंगे । धन्यवाद
मुख्य अतिथि श्री विजय जी टांक ने बताया हम भी पढ़ाई करते थे तो हमें भी इस प्रकार के संस्कार और शिक्षा बहुत कम मिले।लेकिन परिवार और हमारे शिक्षक ने हमें जो सिखाए। इसकी बदौलत मैं अपनी पढ़ाई अच्छी कर पाया। अच्छी शिक्षा और संस्कार के माध्यम से इस प्रकार के काम को कर पाया हूं। लेकिन आपने जो अभी से सीखा है। अगर आप इस प्रकार सीखते रहें तो जीवन में हर प्रकार की परिस्थितियों में आप अपने जीवन को डाल सकते हैं। पुण्यार्थम् संस्था ने आपके चरित्र निर्माण का जो काम किया है। उसमें आप सब लोग भी सहयोग प्रदान करें। यहां आए हुए अभिभावकों से भी मैं अनुरोध करूंगा। अपने बच्चों को शिक्षा और संस्कार जिस भी अच्छे स्थान से प्राप्त हो सके इसकी हमें व्यवस्था करनी चाहिए। आज इस कार्यक्रम में आपने मुझे बुलाकर बहुत खुशी प्रदान की इसके लिए मैं आप सबको और पुण्यार्थम् संस्था को धन्यवाद देता हूं। जय हिंद जय भारत…
विशेष:- ममता सैनी आमेर के प्रकल्प से भैया रौनक (कक्षा 5) ने मुख्य अथिति श्री विजय जी टांक का स्क्रेच चित्र बनाया ।।
श्री हरस्वरूप जी कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे। उन्होंने बालकों को आशीर्वाद दिया और कहा हम सब संस्कार और अच्छी पढ़ाई करें। पुण्यार्थम् के सभी कार्यकर्ता जो यह शिक्षा और संस्कार का कार्य कर रहे हैं, यह अद्भुत है। हम सभी भैया- बहनों को अपना व अपने संस्कारों से अच्छा समाज निर्माण का कार्य करना है। इस सब का श्रेय मैं श्रीमान संजय जी भाई साहब को दूंगा। आप और आपके कार्यकर्ता मिलकर ऐसे बालकों को तैयार कर रहे हैं। ऐसे सभी बालकों की प्रतिभा जो छुपी हुई है उसे निकालने का महत्वपूर्ण कार्य पुण्यार्थम् संस्था के द्वारा कर रहे हैं। इसके लिए मैं दिल से आपको धन्यवाद देता हूं।
कार्यक्रम में 128 संस्कार केंद्रो के 210 भैया-बहनों ने भाग लिया। कुल संख्या 352 रही।
बालकों द्वारा श्री गणेश वंदना…. नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद बालको द्वारा हां रहे होली आई गीत…रंग मत डाले रे सांवरिया …मेरे बांके बिहारी लाल …..राधा कृष्ण नृत्य…1/4 से 70 तक पहाड़े , 10 राज्यों के जिलों के नाम …योध्या गीत पर योगासन …कृष्ण सुदामा मिलन नाटीका.. होली खेलने से पहले सावधानी व भाईचारा नाटिका… हिरणयकाश्यप व भक्त प्रहलाद पर लघु नाटिका
फाग नृत्य, होली कब और क्यों मनाई जाती है, दादी-पोते की लघु नाटिका, राजस्थानी फाग/होली नृत्य ऐसी अनेको भावभीनी प्रस्तुतियां संस्कार केंद्र के भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत की गई। अंत में सभी आगंतुक,संस्था कार्यकर्ता,बालको ने फूल होली नृत्य,मौज मस्ती द्वारा मनाए।
अंत में बालकों ने जो कार्यक्रम में प्रस्तुतियां दी । उनको पुरस्कार वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में भोजन व्यवस्था भी रही। भोजन मंत्र बोलने के बाद सभी को भोजन कराया गया।
मंच संचालन:– सुश्री काजल राजोरा और दो केंद्र की बालिकाओं द्वारा किया गया।
अंत में कल्याण मंत्र से कार्यक्रम संपन्न हुआ।

